Read Rangshalla by Simmi Harshita Online

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www.facebook.com/simmiharshitawww.amazon.com/author/simmiharshitaRangShalaसुपरिचित लेखिका सिममी हरषिता का एक और झकझोरने वाला उपनयास है रंगशाला। मन के अपरिचित कोनों में झांक कर अछूती भावानुभूतियों से साकषातकार कराने वाली कृतियों के लिए परसिदध लेखिका का यह उपनयास इसी सिलसिले की अगली कडी है। नारी मुकति को सवचछंद यौन संबंधों तक सीमित करते तथाकथित सतरी विमरश के दौर में ‘रंगशालाwww.facebook.com/simmiharshitawww.amazon.com/author/simmiharshitaRangShalaसुपरिचित लेखिका सिम्मी हर्षिता का एक और झकझोरने वाला उपन्यास है रंगशाला। मन के अपरिचित कोनों में झांक कर अछूती भावानुभूतियों से साक्षात्कार कराने वाली कृतियों के लिए प्रसिद्ध लेखिका का यह उपन्यास इसी सिलसिले की अगली कड़ी है। नारी मुक्ति को स्वच्छंद यौन संबंधों तक सीमित करते तथाकथित स्त्री विमर्श के दौर में ‘रंगशाला’ एक नयी लीक रचता है।‘रंगशाला’ एक ऐसी स्त्री की कहानी, जो दाम्पत्य संबंधों में विश्वास-हनन की पीड़ा को नकार कर स्वयं को धोखा देने के लिए तैयार नहीं है। अपने मूक विद्रोह में वह समूची समाज व्यवस्था से टकरा जाती है। इसी क्रम में यह उपन्यास परिवार और समाज के कितने ही अंतर्विरोधों को उद्घाटित करता चलता है।‘रंगशाला’ अत्यंत दक्ष भाषा शिल्प के माध्यम से समाज के इतिहास-भूगोल को स्पर्श करते हुए उसके मनोविज्ञान को एक नये कोण से आंकती एक सशक्त औपन्यासिक कृति।...

Title : Rangshalla
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ISBN : 8121403332
Format Type : Hardcover
Number of Pages : 129 Pages
Status : Available For Download
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